














Durgasaptashati (Hindi) | दुर्गासप्तशती by Acharya Prashant : Acharya Prashant: desertcart.in: Fashion Review: Amazing! - All doubts clear with this awesome book! What an explaination! Amazing! Review: दुर्गासप्तशती ये book हमें बताती है कि ग्रंथों में और पुराणों में जो कथाएँ लिखी हैं, उनका आंतरिक अर्थ क्या है। हम लोग उसका सिर्फ़ स्थूल अर्थ समझते हैं, लेकिन वो बातें सूक्ष्म स्तर की हैं। वो बातें मनुष्य के मन के भीतर जो वृत्तियाँ हैं, उन पर कही गई हैं। इस book में हमें असुर, दानव, देव, देवी – सबका असली मतलब समझाया गया है। ये book हमें बताती है कि वास्तव में दानव किसे कहते हैं, प्रकृति से हमारा संबंध कैसा होना चाहिए, कैसे हम इसी प्रकृति का उपयोग करके इससे मुक्त हो सकते हैं, हमें कैसे अपनी वृत्तियों को, प्राकृतिक गुणों को, अहंकार को किसी ऊँचे लक्ष्य के लिए, किसी उच्चतम के सामने समर्पित करना चाहिए। ये book बताती है कि इतनी सालों तक लड़ाई क्यों हुई, देवी के इतने रूप क्यों हैं, इन सबका सूक्ष्म अर्थ क्या है, वास्तविक अर्थ क्या है। ये book बताती है कि जो प्रकृति के साथ खिलवाड़ करे, उसे दूषित करे – वही दानव है। ये book हमें बताती है कि प्रकृति के सारे गुण न अच्छे हैं, न बुरे; वृत्तियाँ न अच्छी हैं, न बुरी। महत्वपूर्ण ये है कि वो समर्पित किसको हैं। ये book बताती है कि तुम्हारा चुनाव ही तुम्हें देव या दानव बनाता है। ये book हमें बताती है कि दानव आज भी हैं, जो प्रकृति का भोग कर रहे हैं, उसका शोषण कर रहे हैं।












| Best Sellers Rank | #14,376 in Books ( See Top 100 in Books ) #3,976 in History (Books) |
| Country of Origin | India |
| Customer Reviews | 4.6 4.6 out of 5 stars (250) |
| Dimensions | 25 x 15 x 3 cm |
| Generic Name | Books |
| ISBN-10 | 9392657544 |
| ISBN-13 | 978-9392657542 |
| Importer | KH No. 1274/1, 1274/2 0-8 First Floor, Kapashera, NEW DELHI, DELHI, 110037, India, [email protected] |
| Item Weight | 250 g |
| Language | Hindi |
| Net Quantity | 1 Count |
| Packer | PrashantAdvait Foundation |
| Paperback | 198 pages |
| Publisher | PrashantAdvait Foundation (1 January 2021); PrashantAdvait Foundation |
| Reading age | Customer suggested age: 14 years and up |
P**Y
Amazing!
All doubts clear with this awesome book! What an explaination! Amazing!
H**I
दुर्गासप्तशती ये book हमें बताती है कि ग्रंथों में और पुराणों में जो कथाएँ लिखी हैं, उनका आंतरिक अर्थ क्या है। हम लोग उसका सिर्फ़ स्थूल अर्थ समझते हैं, लेकिन वो बातें सूक्ष्म स्तर की हैं। वो बातें मनुष्य के मन के भीतर जो वृत्तियाँ हैं, उन पर कही गई हैं। इस book में हमें असुर, दानव, देव, देवी – सबका असली मतलब समझाया गया है। ये book हमें बताती है कि वास्तव में दानव किसे कहते हैं, प्रकृति से हमारा संबंध कैसा होना चाहिए, कैसे हम इसी प्रकृति का उपयोग करके इससे मुक्त हो सकते हैं, हमें कैसे अपनी वृत्तियों को, प्राकृतिक गुणों को, अहंकार को किसी ऊँचे लक्ष्य के लिए, किसी उच्चतम के सामने समर्पित करना चाहिए। ये book बताती है कि इतनी सालों तक लड़ाई क्यों हुई, देवी के इतने रूप क्यों हैं, इन सबका सूक्ष्म अर्थ क्या है, वास्तविक अर्थ क्या है। ये book बताती है कि जो प्रकृति के साथ खिलवाड़ करे, उसे दूषित करे – वही दानव है। ये book हमें बताती है कि प्रकृति के सारे गुण न अच्छे हैं, न बुरे; वृत्तियाँ न अच्छी हैं, न बुरी। महत्वपूर्ण ये है कि वो समर्पित किसको हैं। ये book बताती है कि तुम्हारा चुनाव ही तुम्हें देव या दानव बनाता है। ये book हमें बताती है कि दानव आज भी हैं, जो प्रकृति का भोग कर रहे हैं, उसका शोषण कर रहे हैं।
S**L
हमारे भीतर बैठी दैवी शक्ति को पहचानने में मदद करती है
R**H
अगर आप नवरात्रि करते हो तो बहुत जरूरी है पढ़ना।
L**H
TO KNOW THE REAL MOTHER
TO KNOW THE REAL MOTHER
I**A
Critical for Current Times
It is important to understand what are we doing with resources we have. Book teaches you to be aware what you consume is not yours, be grateful of the provider Mahamaya, be impersonal & use for higher good. If you consume for selfish deeds, sooner you would be consumed by Mahamari (maya). Destruction of consumer is inevitable. Found many similarities with Bhagwat Gita and I still have many questions unanswered. Agar antarik mukti mil b gyi toh bahari mukti, sabki mukti par ashrit kyu hai? Sangharsh kyu hai un 10000 logo ka agr 100000000 log mukti nhi chahte
S**Y
Connecting bridge to real essense of religion
Very practical and life reflecting self health book. Only book that talks about power and sheer strength 👍
A**R
Way of thinking
Best book
Trustpilot
2 weeks ago
2 weeks ago